तेरी यादों में चाहे मेरा नाम न रहे , तेरी लकीरों मैं मेरे निशान न रहे I

तेरी यादों में चाहे मेरा नाम न रहे , तेरी लकीरों मैं मेरे निशान न रहे ,
तो क्या हुआ अगर तू न मिला मुझे , तुझपर मिटने का मुझमें जुमान ही रहे ,
बस काफी है मेरे लिए की खुदा तुझको तनहाइयों से आज़ाद रखे
चाहे फिर मेरी दीवानगी मुझे इन महफ़िलों की रौनक से अनजान ही रखे
तेरी यादों में चाहे मेरा नाम न रहे , तेरी लकीरों मैं मेरे निशान न रहे I