तेरी आँखों की शरारत ,
तेरी बातों की नज़ाकत,
तेरी खुशबू से बहकती मेरे क़दमों की आहट,
बयां कर देती है राज़े दिल सबपर
क्या है तेरी हालत
क्या है मेरी हालत I
तेरी बाहों में सिमटी मेरी चाहत ,
तेरे सीनें में बसती कसमसाहट ,
मेरी बढ़ती- थमती गर्म धडकनों की घबराहट ,
कैसे कहें किसी से अब ,
क्या है तेरी हालत
क्या है मेरी हालत I
थम गई जो पलकों पे आ के ,
रुक गई जो होठों पे छा के ,
उलझी -उलझी लाटों को सुलझाती तेरी उँगलियों शरारत ,
जाहिर होने लगी हैं अब खुलकर
जो है तेरी हालत
जो है मेरी हालत I
तेरी बातों की नज़ाकत,
तेरी खुशबू से बहकती मेरे क़दमों की आहट,
बयां कर देती है राज़े दिल सबपर
क्या है तेरी हालत
क्या है मेरी हालत I
तेरी बाहों में सिमटी मेरी चाहत ,
तेरे सीनें में बसती कसमसाहट ,
मेरी बढ़ती- थमती गर्म धडकनों की घबराहट ,
कैसे कहें किसी से अब ,
क्या है तेरी हालत
क्या है मेरी हालत I
थम गई जो पलकों पे आ के ,
रुक गई जो होठों पे छा के ,
उलझी -उलझी लाटों को सुलझाती तेरी उँगलियों शरारत ,
जाहिर होने लगी हैं अब खुलकर
जो है तेरी हालत
जो है मेरी हालत I