यूं जला मेरे प्यार को खुद में, कि रौशन हो जाये जिंदगी तेरी ,
जो बुझा सके कभी न कोई , जो मिटा सके कभी न कोई ,
है क़ुबूल जलना ताउम्र मुझे ,तेरे वजूद कि रोशनी के लिए,
बस सजा मुझे तू कुछ इस तरह कि , कि बन जाऊँ मैं बंदगी तेरी I
जो बुझा सके कभी न कोई , जो मिटा सके कभी न कोई ,
है क़ुबूल जलना ताउम्र मुझे ,तेरे वजूद कि रोशनी के लिए,
बस सजा मुझे तू कुछ इस तरह कि , कि बन जाऊँ मैं बंदगी तेरी I