शामिल है मेरे वजूद में, तेरा वजूद इस तरह ,
देखूं जो आइना तो तू दिखे जिस तरह ,
क्यों लोग समझते नहीं तुझमें मेरी जगह
,मैं प्यार हूँ तो तू है करार की तरह
बहती रही जो मुझमें अरमान बन कभी
सिमटी है आ के तुझमें अहसास की तरह ,
जो मिट गई तेरी मेरी तन्हाइयों के संग
जन्मीं है आज फिर से मुस्कान की तरह ,
माना की मिलती नहीं तेरी मेरी तकदीर
मिल रही है फिर भी नज़र कटार की तरह ,
जो ठहर गई है ओस बन रूह में मेरे
बरसेगी एक दिन फुहार की तरह
देखूं जो आइना तो तू दिखे जिस तरह ,
क्यों लोग समझते नहीं तुझमें मेरी जगह
,मैं प्यार हूँ तो तू है करार की तरह
बहती रही जो मुझमें अरमान बन कभी
सिमटी है आ के तुझमें अहसास की तरह ,
जो मिट गई तेरी मेरी तन्हाइयों के संग
जन्मीं है आज फिर से मुस्कान की तरह ,
माना की मिलती नहीं तेरी मेरी तकदीर
मिल रही है फिर भी नज़र कटार की तरह ,
जो ठहर गई है ओस बन रूह में मेरे
बरसेगी एक दिन फुहार की तरह